मन में अपना प्रश्न रखें, श्रीराम का स्मरण करें,
फिर नीचे ग्रिड दिखाएं और किसी भी अक्षर पर श्रद्धापूर्वक स्पर्श करें।
श्री राम शलाका प्रश्नावली, जिसे बहुत लोग रामायण प्रश्नावली नाम से भी जानते हैं, श्रीरामचरितमानस की चुनिंदा चौपाइयों से मार्गदर्शन पाने की एक पारंपरिक पद्धति है।
इस प्रश्नावली में एक अक्षर-ग्रिड होता है। जब भक्त मन में प्रश्न लेकर एकाग्रचित्त होकर किसी अक्षर को स्पर्श करता है, तो उसे श्रीरामचरितमानस से एक दिव्य चौपाई प्राप्त होती है जो उसके प्रश्न का उत्तर सुझाती है।
इसे केवल भविष्य बताने का साधन नहीं, बल्कि श्रद्धा, प्रार्थना और आत्ममंथन के माध्यम की तरह देखना अधिक उचित है। हर उत्तर एक चौपाई के रूप में आता है — उसका अर्थ उसके प्रसंग और भावार्थ के साथ और अधिक स्पष्ट होता है।
- प्रश्न पूछते समय मन शांत रखें। इसे केवल जिज्ञासा या खेल की तरह न लें — यह अनुभव श्रद्धा और एकाग्रता के साथ अधिक सार्थक बनता है।
- दिन में केवल एक बार ही प्रश्नावली का उपयोग करें।
- हर उत्तर का केवल एक पंक्ति नहीं, उसके अध्याय और भावार्थ को भी देखें।
- यह आध्यात्मिक मार्गदर्शन का साधन है, परंतु जीवन के सभी निर्णय केवल इसी पर निर्भर होकर न लें। विवेक बनाए रखें।
- उत्तर को प्रभु के मार्गदर्शन की दृष्टि से देखें — श्रीराम शलाका पर विश्वास रखें।
